आरोग्य भारती किसी चिकित्सा पद्धति के विरोध में नहीं है, अपितु सभी पद्धतियों को पूर्ण करने के लिए उत्पन्न हुआ है – प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर में आरोग्य भारती की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्रालय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपाद येसो नाइक जी, पदमश्री डॉ. राजेश कोटेचा जी सचिव आयुष मंत्रालय, माननीय श्री सुहास राव जी हिरेमठ, आरोग्य भारती के संरक्षक डॉ राघवेंद्र कुलकर्णी जी, अध्यक्ष डॉ प्रवीण भावसार जी, कार्याध्यक्ष डॉ रमेश गौतम जी, महासचिव डॉ सुनील जोशी जी, संगठन सचिव डॉ अशोक वार्ष्णेय जी उपस्थित रहे।

प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि आरोग्य भारती किसी चिकित्सा पद्धति के विरोध में नहीं है, अपितु सभी पद्धतियों को पूर्ण करने के लिए उत्पन्न हुआ है. आरोग्य भारती का ध्येय है कि कोई मनुष्य बीमार न पड़े. हर व्यक्ति को नियमित व्यायाम, हितकर आहार, सही मात्र में आहार, ऋतु अनुसार आहार और विहार अपनाना चाहिए. इन सब बातों का ध्यान रखने से व्यक्ति का शरीर ही नहीं, बुद्धि और मन भी स्वस्थ रहता है. उन्होंने संस्कारों पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि संस्कार अच्छे हों तो जीवन शैली भी अच्छी रहती है. सरसंघचालक जी ने ने आरोग्य भारती के मुख्य बिंदु स्वस्थ व्यक्ति – स्वस्थ परिवार, स्वस्थ ग्राम – स्वस्थ राष्ट्र पर सभी से कार्य करने का आह्वान किया.

उद्घाटन समारोह से पहले आचार्य भाव प्रकाश प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी का उद्घाटन श्रीपाद येसो नाइक जी ने किया. इस अवसर पर मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री रुस्तम सिंह जी भी उपस्थित थे. प्रदर्शनी में राशियों, नक्षत्र के अनुसार लगाये जाने वाले वृक्षों की जानकारी दी गई है. प्रदर्शनी में स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी ज्ञान वाटिका एवं नक्षत्र वाटिका के माध्यम से दी गई है।

समारोह में योगाचार्य डॉ. आर.सी. वर्मा, वरिष्ठ अस्थिरोग विशेषज्ञ को योग एवं चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए अ. भा. माधवराव धाक्रस स्मृति जीवनशैली पुरस्कार से सम्मानित किया गया, आरोग्य भारती द्वारा प्रकाशित प्राथमिक उपचार,  डॉ राघवेंद्र कुलकर्णी जी द्वारा लिखी गयी पुस्तक “Holistic Health And Healing The Wholeness And Integrated Approach” एवं डॉ. मनोहर भंडारी जी द्वारा लिखी गयी पुस्तक स्वस्थ भारत समृद्ध भारत का विमोचन किया गया. राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर से 37 प्रांतो से 119 महिला प्रतिनिधियों सहित कुल 611 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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